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Shabad And Its Type (शब्द -विचार और उसके भेद)



 शब्द -विचार और उसके भेद 

Shabad And Its Type (शब्द -विचार और उसके भेद)

शब्द -विचार 


शब्द -एक या एक से अधिक वर्णों के मेल से बने सार्थक ध्वनि -समूह को शब्द कहा जाता है | यथा : शाम ,राम ,पानी ,सवेरा , काम इत्यादि | 
अर्थ की दृष्टि से शब्द के भेद : निरर्थक ,सार्थक
निरर्थक शब्द : जिनका अपना कोई अर्थ नहीं होता ,उन्हें निरर्थक शब्द कहतें हैं | इन शब्दों को केवल सार्थक शब्दों के साथ ही प्रयुक्त किया जाता है | यथा : चाय- वाय, पानी - वानी ,रोटी - वोटी ,सोना - वोना  आदि | इनमें  वाय,वानी, वोटी, वोना आदि निरर्थक शब्द हैं | 
सार्थक शब्द : जिनका अर्थ स्पष्ट रूप से समझ में आये ,उन्हें सार्थक शब्द कहतें हैं | यथा : जल ,धरती ,काम,
कारखाना इत्यादि | 
व्युत्पत्ति के आधार पर शब्द के भेद : रूढ़ ,यौगिक ,योगरूढ़ | 
रूढ़ :परम्परा से  किसी विशेष अर्थ को लेकर चलने वाले शब्द रूढ़ शब्द कहलाते हैं | यथा : मोटा , सोटा ,छोटा इत्यादि | यदि इनको पृथक पृथक कर दिया जाये तो इनका अपना अलग से कोई अर्थ नहीं होता | यथा : मो +टा , सो + टा ,छो + टा | इसप्रकार न तो मो ,सो ,छो का कोई अर्थ है और न ही " टा " का | 
यौगिक : जो शब्द दो या दो से अधिक शब्दों या शब्द एवं शब्दांशों से बने होते हैं | इन शब्दों के अगर खंड भी कर दिए जाएँ तो भी अपना अलग अर्थ रखतें हैं | यथा : पाठशाला ,हिमालय आदि | इसमें हिम (बर्फ ) + आलय  (घर ) ,पथ (शिक्षा ) + शाला (घर ) | 
योगरूढ़ : जो शब्द यौगिक शब्दों की तरह ही दो शब्दों अथवा शब्दांशों से बने हों ,किन्तु  साथ ही साथ अपने वास्तविक अर्थ को छोड़ कर किसी विशेष अर्थ को भी प्रकट करतें हों | यथा : दशानन  =दश (दस )+ आनन (सिर) इसका सामान्य अर्थ हुआ- दस सिरों वाला | किन्तु साथ ही विशेष अर्थ " रावण " को भी प्रकट कर रहा है | 

उद्गम के आधार पर शब्द के भेद : तत्सम ,तद्भव ,देशी ,विदेशी | 
तत्सम : जो शब्द संस्कृत से हिंदी मे  ज्यों के त्यों ही प्रयुक्त हैं  |  यथा : पिता ,माता ,भ्राता ,राजा ,वस्तु  इत्यादि | 
तद्भव : जो  शब्द संस्कृत से  परिवर्तित हो  हिंदी में प्रयुक्त हो रहे हैं | यथा : अग्नि को आग ,दश को दस ,सर्प को साँप ,हस्त को हाथ के रूप में प्रयोग किया जा रहा है | 
देशी : जो देश के विभिन्न प्रदेशों  की भाषाओँ से हिंदी में आये हैं | यथा : ईंट ,रोड़ा | 
विदेशी : जो दूसरे देशों की भाषाओँ से हिंदी में आ कर मिल गए हैं | यथा : रेल ,मैडम ,मोटर ,मास्टर ,मशीन इत्यादि | 
प्रयोग की दृष्टि से शब्द के भेद : संज्ञा ,सर्वनाम ,विशेषण ,क्रिया ,क्रिया विशेषण ,विस्मयादिबोधक ,योजक ,सम्बन्धबोधक | 
व्यवहार की दृष्टि से शब्द के भेद : विकारी ,अविकारी | 
विकारी :जिन शब्दों के रूप में विकार होता है | यथा : लड़का , लड़के ,लड़कों |  बुरा ,बुरी , बुरे इत्यादि | 
अविकारी : जिन  शब्दों का रूप कभी परिवर्तित न हो | यथा : नहीं ,बिना ,अरे इत्यादि |  


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